Lyrics in hindi
स्थायी - हे भवानी, दयानी, सकल दुख हारनी । अन्तरा - पतित हूँ मैं, अग्यानी, शरन आयो, जगत जननी । (भावार्थ: स्थायी: हे भवानी (माता), हे दयानी (दयालु), आप सभी दुखों को दूर करने वाली हैं. अंतरा: मैं पतित (पापी) हूँ, मैं अग्यानी (अनजान) हूँ, मैं आपकी शरण में आया हूँ, हे जगत जननी (जगत की माता). यह एक भक्ति गीत है, जिसमें भक्त माता भवानी से अपने दुखों को दूर करने और अपने पापों को क्षमा करने की प्रार्थना कर रहा है।)
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Lyrics in gujrati
સ્થાયી - હે ભવાની, દયાની, સકલ દુખ હારની । અન્તરા - પતિત હૂઁ મૈં, અગ્યાની, શરન આયો, જગત જનની ।
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Lyrics in english
STHAI: He Bhavani, Dayani, sakal dukh harani. ANTRA: Patit hun main, agyani, sharan ayo, jagat jananee.
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